हिंदी में पोंगल महोत्सव पर निबंध पूरी जानकारी

पोंगल महोत्सव के बारे में हिंदी में: – हमारे देश भारत में पोंगल पर्व तमिलनाडु में खास तौर पर हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है, तलिननाडु में पोंगल उत्सव को मूख्य पर्व में रखा गया है। तमिलनाडु में पोंगल शब्द को दो रूपों में बनया गया है, पोंगल पर्व दो खास कारणों के कारण मनाया जाता है। पोंगल के दिन सूर्य भगवान की पूजा की जाती है, वह दूसरी खास बात इस अच्छी फसल प्राप्ति के लिए प्रार्थना की जाती है।

हिंदी में पोंगल महोत्सव पर लघु निबंध

पोंगल के शुभअवसर पर तमिलनाडु में खेती करने वाले किसानो द्वारा मिलकर नया धान पकाया जाता है, और तररह-तरह के पकवान बनाये जाते हैं। इन पकवानों को वहा के किसान एक दूसरे के साथ भोजन करते है।

पोंगल पर्व मुख्य रूप से किसान अपनी सम्पन्नता वह अच्छी खेती के लिए वह फसलों के सही समय पर पकने आदि के लिए प्राथना करते है। यह उत्सव चार दिन तक चतला है, पहले दिन को भोगी कहा गया है, दूसरा दिन पोंगल वह तीसरा मट्टु पोंगल यानी छोटा पोंगल वह चौथे वह अन्तिम दिन को कानूम पोंगल कहा गया है।

तमिलननाडु में पोगल पर्व के शुभअवसर पर सरकारी वह पाईवेट विद्यालयों वह सरकारी नौकारी-पेशा के लोगों को सरकारी अवकास मिलता है। इस छुटटी से पोगल पर्व में और भी अधिक उत्साह बढ़ जाता है। क्योंकि अवकास पाकर एक नया उत्साह रहता है।

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