आतंकवाद पर निबंध – Essay On Terrorism In Hindi

आतंकवाद और उग्रवाद शुद्ध हिंसा और समाज के लिए एक सीधा खतरा है। आतंकवाद के विषय पर यह निबंध इसकी अवधारणा की परिभाषा के साथ शुरू करना चाहेंगे। एक सामाजिक घटना के रूप में आतंकवाद ”या“ आतंकवाद की समस्या ”किसी भी घटना पर निबंध लेखन के लिए अपने स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को दिया जा सकता है.

आतंकवाद (Terrorism) की समस्या आज केवल एक क्षेत्र में या एक देश में नहीं है बल्कि समूचे विश्व में मौजूद है । हाथ में अनाधिकृत (Unauthorised) बन्दूक लेकर निर्दोष व्यक्तियों को भूनडालना, अपहरण, लूट-खसोट, डकैती, बलात्कार (Humanility by force) इत्यादि क्रिया-कलाप (Activities) आतंकवाद ही हैं ।

आतंकवाद पर निबंध

आज आतंकवाद एक ऐसी वैश्विक समस्या का रुप धारण कर चुका है, जिसकी आग में सारा विश्व जल रहा है| आज कोई भी देश यह दावा नहीं कर सकता कि उसकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं है और वह आतंकवादसे पूरी तरह मुक्त है| सच तो यह है कि आज यह कोई नहीं जानता कि आतंकवाद का अगला निशाना कौन और किस रूप में होगा| हिंसा के द्वारा जनमानस में भय या आतंकवाद पैदा कर उद्देश्यों को पूरा करना ही आतंकवाद कहलाता है| यह उद्देश्य राजनीतिक, धार्मिक या आर्थिक ही नहीं, सामाजिक या अन्य किसी प्रकार का भी हो सकता है|

 

जम्मू कश्मीर में अलगाववादी गुटों द्वारा किए गए अपराधिक कृत्य भी राजनीतिक आतंकवाद के ही उदाहरण है| अल-कायदा, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठन धार्मिक कट्टरता की भावना से अपराधिक कृत्यों को अंजाम देते है| ऐसे आतंकवाद को धार्मिक कट्टरता की श्रेणी में रखा जाता है| अपनी सामाजिक स्थिति या अन्य कारणों से उत्पन्न समाजिक क्रांतिकारी विद्रोह को गैर-राजनीतिक श्रेणी में रखा जाता है| भारत में नक्सलवाद गैर-राजनीतिक आतंकवाद का उदाहरण है|

Essay On Terrorism In Hindi

मेरे अनुसार जो लोग आतंकवादी बने, अशिक्षित और गरीब हैं| आतंकवाद आंतरिक रूप से देश को प्रभावित करता है और यह देश के आधार को प्रभावित करता है। आतंकवाद देश की अर्थव्यवस्था प्रणाली को प्रभावित करता है, देश की वास्तुकला, यह लोगों के भीतर सद्भाव को प्रभावित करता है| अमेरिकी राज्य विभाग के अनुसार, भारत तीसरा सबसे बड़ा आतंकवादी लक्ष्य है। दुनिया भर में 927 से ज्यादा आतंकवादी हमले हुए हैं।

हमारी सरकार को देश में जितने भी राजनैतिक और सामजिक संगठन हैं, उनसे बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहिए | उनकी जायज माँगों को मान लेना चाहिए | सरकार की उदासीनता लोगों में असंतोष पैदा करती है और उनमें से कई आतंकवाद की तरफ मुड़ जाते हैं | यह सरकार की जिम्मेदारी है कि देश में एकता बनाए रखने के लिए उचित कदम उठाए जिससे हमारे शत्रु हमारे देश के लोगों को ही हमारे खिलाफ इस्तेमाल न कर पाए |

Terrorism today is a global problem and a threat of the 21st century! This is the model answer for essay on terrorism. यह निबंध (Essay on Terrorism in Hindi) बच्चों और कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 और 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखा गया है |

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